इंदौर कलेक्टर व जिला निर्वाचन में दी गई फाइल गायब हो गई, जिसमे विद्युत विभाग द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन कर करोडो रुपयों के टेंडर निकालने की शिकायत की गई थी

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इंदौर कलेक्टर व जिला निर्वाचन में दी गई फाइल गायब हो गई,

जिसमे विद्युत विभाग द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन कर करोडो रुपयों के टेंडर निकालने की शिकायत की गई थी |

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड (म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं) इंदौर द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर विधि विरूद्ध बिना अनुज्ञा के करोड़ो रुपयों के निविदा पत्रक जारी किये गए | पुरे भारत वर्ष में लगभग 10 मार्च से आचार संहिता लागू हो चुकी है और इस दोरान किसी तरह के कोई भी सरकारी टेंडर बिना चुनाव आयोग से अनुमति लिए नहीं निकाले जा सकते लेकिन शायद मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड इंदौर के अधिकारियो को इसकी जानकारी नहीं है | किसी भी अख़बार में मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड इंदौर द्वारा कोई जाहिर सुचना भी नहीं दी गई, सिर्फ MPWZ की वेबसाइट पर इन निविदाओ को अपलोड किया गया | इससे साफ़ पता चलता है के मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड इंदौर के अधिकारी अपनी मिली भगत से अपने जान पहचान वाले लोगो को फायदा पहुचाने के लिए इस तरह की गड़बड़ी करते है |

इस पुरे मामले की और जितने भी टेंडर जो आदर्श आचार संहिता के दरमियान निकाले गए उन सभी टेंडर की लगभग 50 प्रति व 2 पेज का शिकायत पत्र के साथ इंदौर कलेक्टर व जिला निर्वाचन आयोग के कार्यालय में दिनांक 23.03.2019 को दी गई थी जिसकी आज दिनांक तक इंदौर कलेक्टर व जिला निर्वाचन आयोग के कार्यालय के रजिस्टर में कोई एंट्री नहीं है और फाइल भी गायब है और यह किसी को भी नहीं पता की वो फाइल कहा गायब हो गई या कर दी गई | इंदौर कलेक्टर व जिला निर्वाचन आयोग के कार्यालय से ऐसे फाइल गायब होना क्या कोई छोटी बात हो सकती है | इंदौर कलेक्टर व जिला निर्वाचन आयोग के कार्यालय के अवाक्-जावक रखने वाले कर्मचारी को उस फाइल के बारे में कुछ नहीं पता जबकि दिनांक 23.03.2019 को फाइल दी गई थी और ऐसे मामलो पर तत्काल कार्यवाही होना चाहिए थी |

इस वजह से इंदौर कलेक्टर व जिला निर्वाचन आयोग के कार्यालय में एक बार फिर से वो फाइल जमा की गई | इसकी प्रमाणित प्रति इस पोस्ट में सलग्न है :

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड इंदौर के समक्ष प्राधिकारि गण द्वारा आदर्श आचार संहिता लोक सभा विर्वाचन के दरमियान लागु होने के पश्यात बिना चुनाव आयुक्त की या अन्य अधिकारी की अनुमति लिये निरंतर निविदाये जारी करने, खोलने तथा कार्यादेश जारी करने का कृत्य कारित किया है जो कि माडल कोड ऑफ़ कंडक्ट का उल्लंघन है साथ ही ये निविदाये बिना किसी समाचार पत्र में विज्ञप्ति जारी किये ऐसा कृत्य कारित किया है जिसकी सूचि सलग्न है (देखिये परिशिष्ट-1) ऐसा साशय से इसलिए किया गया है क्योंकि किसी अन्य व्यक्ति के संज्ञान में यह बात न आ सके कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है |

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड इंदौर के अधिकारियों द्वारा किया उक्त कृत्य न केवल आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है वरन भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 166 व 188 व 120-B के तहत है जिस पर न्यायहीत में दंडात्मक कार्यवाही की जाना अत्यंत आवश्यक है | जिसके लिए इंदौर जिला निर्वाचन आयोग को शिकायत कर दोशी लोक प्राधिकारियों के विरूद्ध सन्दर्भित कानूनों और भारतीय दंड विधान की उक्त धाराओ में दंडित प्रकरण दर्ज किये जाने के आदेश व CRPC 1973 की धारा 197 के तहत अभियान की अनुज्ञा प्रदान करने की मांग भी की गई |

MPWZ की वेबसाइट पर प्रकाशित 23 मार्च तक के सभी निविदाओ की स्क्रीनशॉट :

इस पुरे मामले की शिकायत भारत निर्वाचन आयोग , इंदौर जिला मजिस्ट्रेट, इंदौर जिला निर्वाचन अधिकारी व लोकसभा निर्वाचन जिला इंदौर (म.प्र) को कर दी गई है जिसकी प्रमाणित प्रति इस पोस्ट में सलग्न है |

नोट : कोई भी समाचार पत्र या न्यूज़ चेंनल लोक कल्याण के लिए इस पुरे मामले की शिकायत पत्र व निविदा के साक्ष की PDF फाइल यहाँ क्लिक कर के DOWNLOAD कर सकते है व उन्हें प्रकाशित भी कर सकते है |

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