ढाई लाख रिश्वत लेते XEN समेत 4 कर्मचारी गिरफ्तार

जागरण टीम, मेरठ | ठेकेदार से एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस टीम ने मुजफ्फरनगर में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और वरिष्ठ सहायक को गिरफ्तार किया है। साथ ही मेरठ नगर निगम के कर विभाग में लिपिक को अनुचर के साथ एंटी करप्शन टीम ने डेढ़ लाख की रिश्वत लेते पकड़ लिया।

सुधांशु महाराज की ईव्ज चौराहे पर नग और रत्न की दुकान है। नगर निगम मेरठ में कर विभाग द्वारा सुधांशु को चार लाख का नोटिस भेजा गया। वसूली के लिए निगम के इंस्पेक्टर अनुपम राणा पहुंचे थे। सुधांशु से तय हुआ कि चार लाख के बदले उन्हें दो लाख छह हजार की रकम देनी होगी। रसीद उन्हें 56 हजार की ही मिलेगी। डेढ़ लाख रिश्वत के होंगे। सुधांशु ने 56 हजार देकर रसीद ले ली और एंटी करप्शन को सूचना दी सोमवार को एंटी करप्शन टीम नगर निगम पहुंची। सुधांशु ने जैसे ही लिपिक दीपक निवासी सतवाई और अनुचर राहुल गौतम निवासी जागृति विहार को डेढ़ लाख दिए, टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर “लिया। चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

  • मेरठ नगर निगम में गृहकर विभाग में तैनात लिपिक व अनुचर ले रहा था डेढ़ लाख की रकम
  • मुजफ्फरनगर में लिपिक के साथ एक लाख की रिश्वत लेते एक्सईएन को विजिलेंस ने दबोचा

उधर, बागपत निवासी प्रियव्रत तोमर की एसएस एसोसिएट्स फर्म है। उन्होंने मुजफ्फरनगर में लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड प्रथम से सड़क की मरम्मत का ठेका ले रखा है। वर्क आर्डर जारी करने के लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही थी। इसकी शिकायत प्रियव्रत ने 15 फरवरी को विजिलेंस मेरठ से की। सोमवार को एसपी विजिलेंस इंदू सिद्धार्थ ने डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी को अवगत कराया। प्रियव्रत को एक लाख देकर एक्सईएन नीरज सिंह के कार्यालय भेजा। जैसे ही उसने एक्सईएन और वरिष्ठ सहायक अजय कुमार को रकम दी, विजिलेंस ने दोनों को पकड़ लिया।

नगर निगम में दो लिपिक पकड़े गए हैं। दोनों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। ई-पोश मशीन से कर जमा कराने की रसीद काटने की बात सामने आ रही है। विभागीय जांच भी कराई जाएगी । ममता मालवीय, अपर नगर आयुक्त |

बिजली विभाग से संबंधित अन्य पोस्ट भी देखें :

उपभोगता जाग्रति और सरक्षण के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब जरुर करें |

 

Social Share:

Leave a Comment

CAPTCHA ImageChange Image