बिजली चोरी के राजस्व निर्धारण में अधिशासी अभियंता अब नहीं कर सकेंगे भ्रष्टाचार

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लखनऊ (एसएनबी)। यूपीपीसीएल की सभी विजली कंपनियों में विजली चोरी के असेसमेंट में अधिशासी अभियंता कार्यालयों में भ्रष्टाचार होने की शिकायतों के मद्देनजर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा एक वड़ा फैसला लेते हुए अधिशासी अभियंताओं से यह अधिकार वापस लेते हुए दो लाख तक के राजस्व निर्धारण में हुई त्रुटि में सुधार का अधिकार निदेशक वित्त व निदेशक वाणिज्य को दिये गये है। दो लाख के ऊपर के मामलों को डिस्कामों के प्रबंध निदेशक त्रुटि में सुधार कर सकेंगे। यह जानकारी पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष गोयल व प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने कहा कि सभी डिस्कामों को आदेश जारी कर दिये गये है।

दो लाख तक निदेशक वित्त वाणिज्य, इसके ऊपर एमडी डिस्काम को मिला गलत निर्धारण को ठीक करने का अधिकार

पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा जारी नये आदेश के वाद अधिशासी अभियंता कार्यालयों में राजस्व रिवीजन के वक्त हुई त्रुटि को ठीक कराने के लिए मुख्य अभियंता को भेजना होगा। निदेशक वित्त व निदेशक वाणिज्य डिस्कॉम के निर्णय के उपरांत ही उसमें कोई वदलाव किया जा सकेगा। इस मामले में भी राजस्व निर्धारण में त्रुटि करने वाले वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भी देना होगा। उधर दूसरी ओर पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा लिये गये फैसले का स्वागत करते हुए विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि इ इस आदेश से अधिशासी अभियंता कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।

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