4 अधिकारी हो चुके निलंबित अब कंपनी होगी ब्लैक लिस्टेड

संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ। मुरादाबाद के बिलाजी में घटिया क्वालिटी का केबल डाले जाने के मामले में पहले ही चार अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। अब जांच रिपोर्ट में केबल मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर तार देने वाली कंपनी को भी ब्लैक लिस्टेड किया जा सकता है। पीवीवीएनएल एमडी ईशा दुहन की ओर से कंपनी को दो नोटिस जारी किए गए हैं, जिसमें कंपनी को एक सप्ताह में जवाब देना है। जवाब आने के बाद कंपनी पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

हरिद्वार की मैसर्स वी मार्क इंडिया लिमिटेड सिड़कुल से खराब क्वालिटी की एलटी केबल ओके रिपोर्ट लगाकर खरीदने के मामले में अब कार्रवाई के लिए केबल कंपनी का नंबर है । कंपनी की जमानत राशि को जब्त करने और कंपनी को काली सूची में शामिल किए जाने की पीवीवीएनएल प्रबंधन की तैयारी है। कंपनी को पश्चिमांचल में न सिर्फ ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा, बल्कि जमानत राशि भी जब्त करने की तैयारी है।

बता दें कि यूपीपीसीएल चेयरमैन के निर्देश पर केबल के सैंपल जांच के लिए गाजियाबाद, नोएडा और बड़ोदरा प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे। जिसमें केबल घटिया क्वालिटी का पाया गया। पीवीवीएनएल एमडी की ओर से कहा जा चुका है कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुसार गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।

PVVNL एमडी ने चार अधिकारियों को किया था निलंबित

मुरादाबाद में 23.92 करोड के 726 किमी. केबल में से 599 किमी. केबल की आपूर्ति हुई है। इस घटिया केबल को ओके रिपोर्ट लगाकर खरीदने और खराब केबल क्षतिग्रस्त होने के मामले में पीवीवीएनएल एमडी ने जांच कराई थी। प्रारंभिक जांच में एमडी ने पाया था कि एलटी एबी केबल गुणवत्ता कमजोर थी और मानक के अनुरूप नहीं थी, लेकिन फिर भी इसकी आपूर्ति कर ली गई थी। उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय परीक्षण खंड थर्ड गाजियाबाद शेर सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत भंडार खंड मुरादाबाद रोहताश सिंह, सहायक अभियंता मनोज कुमार, भंडार अधीक्षक अमित कुमार को निलंबित कर दिया था।

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