लखनऊ में आज बिजली पंचायत किसान और उपभोक्ता भी जुटेंगे

बिजली पंचायत में श्रम संघों के राष्ट्रीय पदाधिकारी निजीकरण के खिलाफ भरेंगे हुंकार

लखनऊ, विशेष संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर रविवार को यूपी में बिजली निजीकरण के विरोध में बड़ी बिजली पंचायत लखनऊ में होगी। जिसमें बिजलीकर्मियों के साथ हो आम उपभोक्ता और किसान भी शामिल होंगे। राज्य कर्मचारियों के दर्जनों संगठन और अन्य श्रम संघ भी इस पंचायत में नजर आएंगे। श्रम संघों के राष्ट्रीय पदाधिकारी भी इस पंचायत का हिस्सा होंगे। पंचायत के माध्यम से निजीकरण के विरोध में आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों का ऐलान भी होगा।

  • 12 बजे दोपहर होगी हाईडिल फील्ड हॉस्टल में पंचायत
  • बिजली निजीकरण के विरोध की आवाज बुलंद की जाएगी इस पंचायत से

यह बिजली पंचायत राणा प्रताप मार्ग स्थित हाइडिल फील्ड हॉस्टल में दोपहर 12 बजे से होगी। इस पंचायत में प्रदेश मुस्त जिला विद्युत् परियोजनाओं के कर्मचारी, अभियंता और संविदाकर्मी शामिल होंगे | संघर्ष राजीव सिंह जितेन्द्र सिंह गुर्जर, गिरीश पांडेय, महेन्द्र राम, सुहेल आबिद, पीके दीक्षित, देवेन्द्र पांडेय, श्रीचन्द, सरजू त्रिवेदी, योगेन्द्र कुमार, प्रेम नाथ राय व विशम्भर सिंह ने बताया है कि इस पंचायत राष्ट्रीय स्तर के कई कर्मचारी नेता शामिल होंगे।

कई संगठनों के राष्ट्रीय नेता पंचायत को संबोधित करेंगे

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल पी. रात्नाकर राव, ऑल इंडिया पॉवर डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष आरके त्रिवेदी, इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाईज फेडरेशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी जनरल प्रशान्त चौधरी, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाईज के सेक्रेटरी जनरल मोहन शर्मा तथा अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा आ रहे हैं। इनके अलावा राज्य कर्मचारी महासंघ और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद सहित सभी श्रमसंघों के पदाधिकारी भी हिस्सा लेंगे। भारतीय मजदूर संघ, एटक, इण्टक, सीटू, एक्टू यूटीयूसी के पदाधिकारी भी बिजली पंचायत में आयेंगे।

प्रस्ताव की सीबीआई जांच हो

उपभोक्ता परिषद के साप्ताहिक वेबिनार में शनिवार को दर्जनों उपभोक्ता जुड़े और निजीकरण के खिलाफ आवाज उठाई। परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि एनर्जी टास्क फोर्स में जो प्रस्ताव अनुमोदित किया गया है उसमें विधिक खामिया व आंकड़ें भी गलत हैं। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।

एमडी पूर्वांचल और इंजीनियरों को धमकाने का आरोप लगाया

संघर्ष समिति ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि जब फील्ड के बिजलीकर्मी और अभियंता एक मुश्त समाधान योजना में तब पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा वीडियो कॉफ्रेसिंग के दौरान अभियंताओं को कार्यालय समय के बाद अथवा अवकाश के दिन संघर्ष समिति की बैठकों में जाने पर धमकी दी जा रही है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंध निदेशक भाषा की मर्यादा का पालन नहीं करेंगे तो उनके विरूद्ध विधिक और अन्य कार्यवाही करने के लिए समिति बाध्य होगी, जिसकी सारी जिम्मेदारी पूर्वांचल के प्रबंध निदेशक की होगी।

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