निशुल्क बिजली योजना किसानों के साथ धोखा

लखनऊ (एसएनबी)। विजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के निदान कराने के लिए आयोजित साप्ताहिक वीनार में शनिवार को विद्यत उपभोक्ताओं व किसानों ने एक स्वर में आवाज उठाते हुए कहा कि किसानों के लिए लाई गई फ्री विजली योजना फंसाने वाली योजना और किसानों के साथ धोखा है। इस पर पावर कॉरपोरेशन पुनर्विचार करे और शर्तों में वदलाव करे। तभी शत प्रतिशत किसान लाभ ले पाएंगे। इसी तरह सरकार के लघु सिंचाई का नियम तीन सौ मीटर पर एक ही वोरिंग का प्रावधान किया है फिर कछ अभियंता मनमानी करते हुए कह रहे है कि किसान को देना होगा शपथ पत्र कि वह दूसरे को नहीं दे सकता पानी । जव एक सीमित मीटर रीडिंग की है शर्त तो फिर यह शर्त किसानों के साथ धोखा । उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने किसानों की बात सुनने के वाद आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से वात करेंगे और शर्तो में वदलाव की कोशिश करेंगे।

  • वेबिनार में किसानों ने प्रमुखता से उठाया निशुल्क बिजली योजना में खामियों का मुद्दा
  • कहा- यूपीपीसीएल करे पुनर्विचार
  • उपभोक्ता परिषद ने जल्द मुद्दे पर उच्च प्रबंधन से बात करने का दिया आश्वासन

वेनिवार से जुड़े भारतीय किसान यूनियन के नेता अनूप कुमार मौर्य, किसान निर्दोष सिंह, राजपाल सिंह ने कहा कि लघु सिंचाई का नियम है कि तीन सौ मीटर के अंदर एक ही किसान की वोरिंग होगी लेकिन कुछ अभियंता की मनमानी के चलते फ्री योजना का लाभ किसान नहीं ले पा रहे है। उन्हें यह पता ही नहीं है की तीन सौ मीटर के अंदर एक ही किसान वोरिंग कराता है और वह सभी को पानी देता है। इस आधार पर दूसरी जगह दूसरा किसान एक दूसरे की मदद करता है। एक तरफ निश्चित यूनिट की शर्त है तो दूसरी तरफ और भी तमाम शर्ते गलत है। इस पर पावर कारपोरेशन को पुनर्विचार करना चाहिए। इसी तरह आगरा से जुड़े उपभोक्ता मयंक कुमार ने कहा कि उनके वरौली फौंडर पर केवल 15 से 16 घंटे ही विद्यत आपूर्ति मिलती है । वनारस से जुड़े उपभोक्ता पवन सिंह ने नेट मीटरिंग पर विलिंग ना होने का मुद्दा उठाया। जिस पर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने दोनों मामलों पर संबंधित अधिशासी अभियंता से वात कर समस्या का समाधान करने को कहा। एक संविदा कर्मी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर विद्युत दुर्घटनाएं हो रही है। संविदा कर्मी मर रहे है इसका मुख्य कारण उनके ऊपर प्रेशर बनाया जा रहा है। इसी प्रकार आकिव अंसारी, प्रमोद डांगर, अनुराग माही, विनोद कुमार गुप्ता समेत अन्य विद्युत उपभोक्ताओं ने भी विद्युत आपूर्ति को लेकर मुद्दा उठाया।

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