संविदाकर्मी ने जेई को दी जान से मारने की धमकी

जेई ने काम में लापरवाही बरतने पर की थी कार्रवाई

जनवाणी संवाददाता, मेरठ | बिजली विभाग के जेई को तीन संविदार्मियों ने बेरहमी से पीटा। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। का कसूर सिर्फ इतना कि उसने काम में लापरवाही बरतने वाले संविदाकर्मी का उस दिन का वेतन काटने की संस्तुति की, जिस दिन वह काम पर नहीं आया था। डरे हुए जेई अपनी जान को खतरा बताते हुए एमडी ऊर्जा व पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। घटना पीवीवीएनएल क्षेत्र के जिला गौतमबुद्ध नगर के ईडीडी- चतुर्थ धूम बिजलीघर एनसीपीसी रोड दादरी की है। मंगलवार को इस बिजलीघर में तैनात जेई ललित कुमार पर तीन संविदाकर्मियों ने जानलेवा हमला कर दिया। बताया जा रहा है। जेई पर हमले की वजह संविदाकर्मी शिवम पुत्र मुकेश निवासी ग्राम बिसाहड़ा दादरी के लंबे समय से काम पर नहीं आने पर हुई कर्रवाई है। इसको लेकर जेई ने शिवमा का वेतन काटने की संस्तुति करते हुए उस कंपनी को लिखा, जिसके द्वारा शिवमा की नियुक्ति की गई थी । उससे गुस्साएं संविदाकर्मी शिवमा ने अपने साथियों के साथ मिलकर जेई ललित कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया।

तीन संविदाकर्मी विभाग को लगा रहे लाखों का चूना

काम में लापरवाही बरतने पर वेतन काटे जाने वाले संविदाकर्मी शिवम ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर गैंग बना रखा है। उसके गैंग में संविदाकर्मी धर्मेंद्र व सचिन भी शामिल है। सात माह पहले भी इन तीनों (धर्मेंद्र, सचिन व शिवम) ने 10 केवीए के टी/एफ व खंभों को पांच लाख की मोटी रकम लेकर बिना एस्टीमेट के शिफ्ट कर दिया था। इसी दौरान बंटी नाम के युवक की मृत्यु भी हो गई थी। मामले में संविदाकर्मी सचिन की संलिप्तता और भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर बर्खास्तगी हुई थी, लेकिन एक्सईएन व एसडीओ की शह के बाद बाकि आरोपियों धर्मेंद्र व शिवम के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।

 अधिकारियों ने नाम बदलकर दोबारा कर ली नियुक्ति

विभाग को पांच लाख का चूना लगाने और एक व्यक्ति की मौत होने जैसे मामले के बाद भी एक्सईएन व एसडीओ ने गैंग के तीसरे व्यक्ति धर्मेंद्र का नाम बदलकर विकास कर दिया और उसे फिर से नियुक्ति प्रदान कर दी। विकास नाम से नियुक्ति पाने के बाद धर्मेंद्र के हौसले और बुलंद हो गए और वह दोनों अधिकारियों का चहेता बनकर विभाग को हर माह लाखों रुपये का चूना लगा रहा है। जबकि गैंग में शामिल सचिन नाम के संविदाकर्मी को हटाया जा चुका है, लेकिन एक्सईएन व एसडीओ द्वारा जेई ललित कुमार पर सचिन को वापस नियुक्त करने का दबाव बनाया जा रहा है।

 अधिकारियों द्वारा ही दिया जा रहा भ्रष्टाचार को बढ़ावा

जिस दादरी के बिजलीघर पर जेई के साथ मारपीट और जानलेवा हमला करने का मामला है। यहां के अधिकारी ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। पहले भी गांव के लोगो द्वारा दोनों अधिकारियों एक्सईएन व एसडीओ से संविदाकर्मियों के गैंग की शिकायत की जा चुकी है। इसमें संविदाकर्मी सचिन व विकास उर्फ धर्मेंद्र का नाम शामिल है, लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे जाहिर होता है यह गैंग एक्सईएन व एसडीओ के लिए वसूली करता है, इसी वजह से गैंग के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है।

 जान से मारने की धमकी मिलने के बाद जेई दहशत में

उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति होती रहे इसके लिए जेई ललित ने संविदाकर्मी शिवम का वेतन काटने की संस्तुति की थी। जिसका खामियाजा जेई को मारपीट और जान से मारने की धमकी के रूप में भुगतना पड़ रहा है। सवाल यह कि क्या एक जेई को अपनी जिम्मेदारी निभाने की सजा इस तरह मिलना सही है, आखिर बिजलीघर के एक्सईएन और एसडीओ अपने जेई के साथ मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहें है। अब पीड़ित जेई ने एमडी ऊर्जा से मामले की शिकायत की है, जबकि संबंधित पुलिस थाने पर भी शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने भी कोई कदम नहीं उठाया। देखना होगा कि क्या पीड़ित जेई को इंसाफ मिलेगा या वह इसी तरह दहशत में नौकरी करने को मजबूर रहेगा।

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